Monday, March 25, 2019

4 चिनूक हेलिकॉप्टर मिले, धनोआ ने कहा- राफेल आया तो सीमा पर फटक नहीं पाएगा पाक

चंडीगढ़. अमेरिका से खरीदे गए चार चिनूक हेलिकॉप्टरों की पहली यूनिट सोमवार को वायुसेना के बेड़े में शामिल हो गई। इस सिलसिले में चंडीगढ़ में एक समारोह किया गया। इस मौके पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने ने कहा- सुरक्षा को लेकर देश के सामने कई चुनौतियां हैं। वायुसेना को चिनूक की बहुत जरूरत थी, क्योंकि यह दुर्गम और अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में यह भारी सामान ले जाने में सक्षम है। उन्होंने कहा- जिस दिन राफेल वायुसेना में शामिल हो गया, पाक सरहद पर फटक भी नहीं पाएगा।

17000 करोड़ रुपए में हुआ था सौदा
रविवार को 4 चिनूक हेलिकॉप्टर गुजरात में कच्छ के मुंद्रा एयरपोर्ट पहुंचे थे। भारत ने 2015 में अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से 15 चिनूक हेलिकॉप्टर खरीदने का सौदा किया था। 2.5 अरब डॉलर (करीब 17 हजार करोड़ रुपए) के इस सौदे में 22 अपाचे हेलिकॉप्टर भी शामिल हैं।

इससे पहले अमेरिका के फिलाडेल्फिया में बोइंग ने इसी हफ्ते भारत को पहले चिनूक हेलिकॉप्टर की खेप आधिकारिक रूप से सौंप दी थी। डील के मुताबिक, इस साल के अंत तक भारत को सभी अपाचे और चिनूक हेलिकॉप्टर मिल जाएंगे। इससे वायुसेना की ताकत में काफी इजाफा होगा।

बोइंग के मुताबिक, अपाचे दुनिया के सबसे अच्छे लड़ाकू हेलिकॉप्टर माने जाते हैं। अमेरिकी सेना लंबे समय से अपाचे और चिनूक का इस्तेमाल कर रही है।

भारत अपाचे का इस्तेमाल करने वाला 14वां और चिनूक को इस्तेमाल करने वाला 19वां देश होगा। बोइंग ने 2018 में वायुसेना के पायलटों और फ्लाइट इंजीनियरों को चिनूक हेलिकॉप्टर उड़ाने की ट्रेनिंग भी दी थी।

बहरहाल, यहां से मैंने भाजपा दफ्तर की ओर रवानगी ली। यहां हथियारबंद पुलिसकर्मी दिखे। स्टाफ ने बताया कि यहां सुरक्षा की हर दिन की रिपोर्ट दिल्ली जाती है। 21 साल पहले 14 फरवरी के दिन आडवाणी की सभा से ठीक पहले यहां धमाके हुए थे। लोगों के दिमाग में उस घटना की दर्दनाक यादें अब भी बसी हुई हैं। हालांकि, सांप्रदायिकता को तमिलनाडु ने कभी मौका नहीं दिया। इसके बावजूद  दो साल पहले इस मुद्दे को दोबारा उभारने की कोशिश की गई थी। तब हिन्दू मुंनड़ी संगठन के नेता शशि कुमार की हत्या कर दी गई थी, काेयम्बटूर बंद हो गया था। यही वजह है कोयम्बूटर में एआईएडीएमके ने भाजपा को यह सीट दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस सीट का असर कोयम्बूटर के साथ-साथ तिरुपुर, डिंडीगल, पोलाची, मदुरई, शिवगंगा, रामनाथपुरम और थेनी सीट पर भी दिख सकता है। हालांकि कोयम्बटूर से सटे नीलगिरिस और इरोड में कामगारों के मुद्दे ज्यादा प्रभावी हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञ सत्यमूर्थी कहते हैं भाजपा ने जैसे अयोध्या को धर्म की राजनीति का केन्द्र बना दिया, वैसा ही कोयम्बटूर में करे तो हैरत नहीं होगी। कोयम्बटूर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य करुप्पू सामी ने बताया कि हिन्दू मुंनड़ी का असर कोयम्बटूर और इसके आसपास सात से आठ सीटों पर है। 1998 के ब्लास्ट के बाद से ये संगठन बहुत ज्यादा बड़ा हो गया है। हालांकि पूरे कोयम्बटूर में सिर्फ 10-15% ही अल्पसंख्यक हैं। भाजपा के जिलाध्यक्ष  सी आर नंदा कुमार भी इस बात काे स्वीकारते हैं सात-आठ सीटों पर हिन्दूवादी संगठन हिन्दू मुंदड़ी बहुत मजबूत है और इन लोकसभा क्षेत्रों में सांप्रदायिकता मुद्दा अंडर करंट है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ और सिर्फ विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी।

उधर, कोयम्बटूर के ऊपरी हिस्से में नीलगिरिस लोकसभा क्षेत्र है। यहां चाय की पत्ती का सही दाम न मिलना बड़ा मुद्दा रहा है। यहां 40% परिवार चाय के धंधे से जुड़े हैं। एंटीइंकम्बेंसी एआईएडीएमके को नुकसान दे सकती है। उधर, इरोड सीट का पूरा क्षेत्र उद्योगों पर आधारित है। करीब 50 हजार से ज्यादा छोटे-बड़े उ‌‌द्योग हैं। नोटबंदी और जीएसटी के बाद करीब 70% उद्योगों पर इसका सीधा असर पड़ा है। यह भाजपा-एआईएडीएमके को नुकसान पहुंचा सकता है। वक्त पर सैलरी न मिलना, और कुछ छोटे उद्योगों के बंद होने के का मुद्दा एआईएडीएमके और भाजपा गठबंधन के लिए दिक्कत दे सकता है। इन दोनों ही जगहों से एआईएडीमके अपने उम्मीदवार उतार रही है।

No comments:

Post a Comment

بالضحك والسخرية: كيف ساهمت الكوميديا في التخفيف من ضغوط فيروس كورونا؟

ربما تتلخص العلاقة الأزلية بين كوميدية وتراجيدية الحياة في إحدى المقولات ائيس الاباحية الجنس & أنيل الجنس جمع الأمريكي، مايك بنس، بزي...